કનકધારા સ્તોત્ર હિન્દી અનુવાદ .shashtriji bhavnagar
कनकधारा स्तोत्र हिन्दी अनुवाद सहित 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ कनकधारा स्तोत्र की रचना आदिगुरु शंकराचार्य जी ने की थी। कनकधारा का अर्थ होता है स्वर्ण की धारा, कहते हैं कि इस स्तोत्र के द्वारा माता लक्ष्मी को प्रसन्न करके उन्होंने सोने की वर्षा कराई थी। यह सम्भव भी है; क्योंकि 32 वर्ष की आयु में (सन् 788 से सन् 820 तक) ब्रह्मसूत्र और गीता जैसे अनेक उपनिषदों पर भाष्य लिखना, अनेक स्तोत्र की रचना करना, विवेक चूड़ामणि जैसे ग्रन्थ की रचना, कई शक्तिपीठ की स्थापना, कोई साधारण आत्मा नहीं कर सकती। आदि शंकराचार्य ने कनकधारा स्तोत्र के सन्दर्भ में कोई विधि-विधान का उल्लेख नहीं किया है। इसका एक बार पाठ करना भी पर्याप्त है। समय और सुविधा हो तो नियत समय, नियत संख्या में अपने सामर्थ्य अनुसार जप किया जा सकता है। सिद्ध मंत्र होने के कारण कनकधारा स्तोत्र का पाठ शीघ्र फल देनेवाला और दरिद्रता का नाश करनेवाला है। इसके नित्य पाठ से धन सम्बंधित सभी प्रकार के अवरोध दूर होते हैं और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। विशेषकर दीपावली की रात्रि वृषभ एवं सिंह लग्न में इसका पाठ विशेष फलदायक माना गया है ...