शास्त्रीय ज्ञान।।जानियें, मोर-पंख से कैसे पायें - सुख-समृद्धि और शांति ||
|| जानियें, मोर-पंख से कैसे पायें - सुख-समृद्धि और शांति || ====================================== सनातन धर्म में मोर-पंख का विशेष महत्तव है। मोर-पंख का संबंध केवल श्रीकृष्ण से नहीं, बल्कि अन्य देवी-देवताओं से भी है। मोर सरस्वती देवी का भी वाहन है यही मोर भगवान शंकर के पुत्र कार्तिकेय का वाहन भी है। नेपाल आदि देशों में मोर को ब्रम्हा की सवारी के रूप में माना जाता है यहाँ तक कि जापान, इंडोनेसिया थाईलैंड और अन्य देशों में भी मोर पूज्य है। जन सामान्य में मोर-पंख को लेकर यह विश्वास है कि मोर-पंख के प्रयोग से अमंगल टल जाता है। वास्तु एवं ज्योतिष के क्षेत्र में मोर-पंख का अति महत्त्वपूर्ण स्थान है। मोर-पंख घर में रखना मंगलकारी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार मोर के पंखों में सभी देवी-देवताओं और सभी नौ ग्रहों का वास होता है। ऐसा क्यों होता है इसकी कथा हमारे धर्म ग्रंथों में इस प्रकार प्राप्त होती है - प्राचीन काल में संध्या नाम का एक असुर हुआ था। यह बहुत शक्तिशाली और तपस्वी असुर था। गुरु शुकाचार्य के कारण संध्या देवताओं का शत्रु बन गया था। संध्या असुर ने कठोर तप द्वारा शिवजी और ब्रह्म...





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