ब्रह्म मुहूर्त में क्यों उठे।
*ब्रह्म मुहूर्त मे क्यों उठे?* 🌞👇🌻👇🌞👇🌻 १👉सुख-संपत्ति का कारण है ब्रह्म मुहूर्त में जागना ⭐👇🌟👇🌟👇⭐👇 भारतीय संस्कृति में प्रातः जागरण को एक आदर्श जीवनशैली व जीवनचर्या का आधार ही नहीं माना जाता, वरन् इसे एक धार्मिक कृत्य भी माना जाता है। वर्तमान में भी ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाले मनुष्य को आदर्श दृष्टि से देखा जाता है। क्या है ब्रह्ममुहूर्त~ 🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻 रात्रि के अंतिम प्रहर को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं। हमारे ऋषि मुनियों ने, इस मुहूर्त का विशेष महत्व वर्णित किया है। उनके अनुसार यह समय निद्रा त्याग हेतु सर्वोत्तम है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने से सौंदर्य, बल, बुद्धि, विद्या,सुख-संपत्ति व स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। सूर्योदय से ४ घड़ी (लगभग डेढ़ घंटे) पूर्व, ब्रह्म।मुहूर्त में जाग जाना चाहिए। इस समय सोना निषिद्ध होता है... "ब्रह्ममुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी" अर्थात, ब्रह्म मुहूर्त की निद्रा पुण्य का नाश करने वाली होती है। करावलोकन 👉 आँखों के खुलते ही दोनों हाथों की हथेलियों को देखते हुये निम्नलिखित श्लोक का पाठ करें । कराग्रे वसति लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वत...